Thursday, January 18, 2018

धरना-प्रदर्शनों पर अनिश्चितकालीन रोक के खिलाफ लामबंदी और तेज़

Thu, Jan 18, 2018 at 4:16 PM 
जनवादी जनसंगठनों की डी.सी. से मीटिंग बेनतीजा रही
लुधियाना प्रशासन के तानाशाह आदेश के खिलाफ़ 30 जनवरी को होगा विशाल रोष प्रदर्शन
लुधियाना: 18 जनवरी 2018: (पंजाब स्क्रीन टीम)::
आज जिला लुधियाना के मज़दूरों, किसानों, मुलाजिमों, नौजवानों, छात्रों, स्त्रियों, बुद्धिजीवियों आदि तबकों के करीब 50 जनवादी जनसंगठनों के एक प्रतिनिधि मण्डल ने डिप्टी कमिश्नर से माँग की है कि लुधियाना में अनिश्चितकाल के लिए धारा 144 लगाने के गैरजनवादी-तानाशाह आदेश को तुरन्त वापिस लिया जाए। दिलचस्प बात यह है कि कि डीसी को यह भी सही ढंग से नहीं पता था कि उनके द्वारा जारी हुए पत्र के मुताबिक पुलिस कमिश्नर, लुधियाना ने क्या आदेश जारी किया है। डीसी ने माना कि यह देखना पड़ेगा कि पुलिस कमिशनर के अनिश्चतकाल के लिए धारा 144 लगाने का अधिकार है भी या नहीं। जनसंगठनों का कहना है कि धारा3 144 कानूनी तौर पर विशेष आपातकालीन परिस्थितियों में ही थोड़े समय के लिए लगाई जा सकती है। लुधियाना पुलिस कमिशनरी में ऐसे हालात नहीं है जिन्हें बहाना बनाकर इस धारा का इस्तेमाल किया जाए। वास्तव में हुक्मरान तरह-तरह के बहानों तले जन-आवाज़ कुचलने की साजिशें रच रहे हैं। लुधियाना पुलिस कमिशनरी में यह धारा लगाकर धरना-प्रदर्शनों पर पाबन्दी लगाना भी इन साजिशों का ही हिस्सा है।
लुधियाना जिला के चार दर्जन से भी अधिक जनवादी-जनसंगठनों द्वारा डिप्टी पुलिस कमिश्नर के कार्यालय पर विशाल रोष प्रदर्शन किया जाएगा। 19 से 29 जनवरी तक सघन प्रचार अभियान चला कर लोगों को लुधियाना प्रशासन के तानाशाह हुक्मों के खिलाफ़ लामबन्द किया जाएगा। 
डीसी लुधियाना के साथ आज हुई मीटिंग में कारखाना मज़दूर यूनियन, जमहूरी किसान सभा, मनरेगा मज़दूर यूनियन, तर्कशील सोसाईटी, रेहड़ी फड़ी युनियन, इंकलाबी केन्द्र पंजाब, एटक, मज़दूर अधिकार संघर्ष अभियान, नौजवान भारत सभा, मोल्डर एण्ड स्टील वर्कर्ज यूनियन, लाल झण्डा बजाज सन्स मज़दूर यूनियन, लाल झण्डा हीरो साईकिल मज़दूर यूनियन, जमहूरी अधिकार सभा, बी.के.एम.यू., पंजाब खेत मज़दूर सभा, लोक मंच पंजाब, कामागाटा मारू यादगारी कमेटी, हौज़री मज़दूर यूनियन, पंजाब रोडवेज इम्पलाईज़ यूनियन (आज़ाद), पंजाब लोक सभ्याचारक मंच, सफाई लेबर यूनियन, जमहूरी किसान सभा, टेक्सटाईल हौज़री कामगार यूनियन, पेंडू मज़दूर यूनियन (मशाल), पंजाब स्टूडेंटस यूनियन, किरती किसान यूनियन, पेंडू मज़दूर यूनियन, म्यूंसीपल वर्कर्ज यूनियन, देहाती मज़दूर सभा, सीटूयू, शहीद भगत सिंह नौजवान सभा, गोरमिंट टीचर्ज यूनियन, रेलवे पेंशनर्ज ऐसोसिएशन, जिस्पोजल वर्कर्ज यूनियन, लाल झण्डा पेंडू चोंकीदार यूनियन, पीप्लज मीडिया लिंक, महासभा लुधियाना, बी.एम.एस., आदि संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे। 
बाद में हुई एक मीटिंग में संगठनों ने कल पत्रकारों पर कार्पोरेशन अधिकारियों द्वारा हुए हमले और दोषी अफसरों के खिलाफ़ पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न करने की सख्त निन्दा की गई है और माँग की है कि दोषी अफसरों के खिलाफ़ सख्त से सख्त पुलिस कार्रवाई की जाए। 
इस अभियान से जुड़ने के लिए सम्पर्क करें कामरेड लखविन्दर के साथ (मो. नंबर 9646150249)

Sunday, January 14, 2018

जनविरोधी बैंकिंग सुधारों को वापस लेने की मांग


सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी यूनियन संघ के हस्ताक्षर अभियान कैंप
लुधियाना: 14 जनवरी 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एम्प्लॉइज यूनियन (नॉर्थ जोन) और सेंट्रल बैंक आफिसर्स यूनियन (चंडीगढ़ जोन) ने संयुक्त रूप से ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (एआईबीईए) द्वारा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बाहर अभियान के निजाम रोड, लुधियाना में विशेष हस्ताक्षर शिविर का आयोजन किया। उल्लेखनीय है कि यह अभियान बैंकों के तथाकथित सुधारों के खिलाफ शुरू किया गया है, जिससे आम लोगों को बहुत परेशान किया जा सकता है। इस अभियान के तहत, जनता को बैंकों के निजीकरण के बारे में व्याख्या की। यह अभियान 20 जनवरी तक जारी रहेगा। इस अभियान के तहत पंजाब से पांच लाख हस्ताक्षर और पूरे देश में से एक करोड़ हस्ताक्षर  प्राप्त किए जाएंगे और लोकसभा के अध्यक्ष के लिए जन याचिका पेश की जाएगी। बैंकों के साथ जुड़े ग्राहकों, आम लोग इस अभियान का समर्थन कर रहे हैं। शिविर के दौरान एक हजार लोगों ने याचिका पर हस्ताक्षर किए।

लुधियाना में अभियान का नेतृत्व करने वाले नेताओं में कॉमरेड राजेश वर्मा, महासचिव, कॉमरेड एमएस भाटिया - क्षेत्रीय सचिव सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कर्मचारी संघ (उत्तर क्षेत्र), कॉमरेड गुरुमीत सिंह - उप-महासचिव और कॉमरेड सुनील ग्रोवर क्षेत्रीय सचिव - सेंट्रल बैंक संघ (चंडीगढ़ जोन) शामिल हैं।  लुधियाना की सभी शाखाओं के सदस्यों ने शिविर में भाग लिया। इस शिविर के दौरान, जनता ने बैंकिंग सुधारों के बारे में कई सवाल पूछे, जिनके जवाब आयोजकों द्वारा दिए गए थे।

इस याचिका में एफआरडीआई विधेयक को वापस लेने की मांग शामिल है, जो आम जनता को डराता है। साथ ही, बकाएदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई, जो बड़े ऋण ले रहे थे और सार्वजनिक पैसा लूट रहे थे। यह मांग की गई थी कि इस तरह के ऋण बकाएदारों का बोझ आम लोगों पर अलग-अलग सर्विस चार्जों को बढ़ाकर नहीं लगाया जाना चाहिए। यह भी मांग की गई थी कि नियमित बैंकिंग सेवाओं को निजी ठेकेदारों को नहीं दिया
जाना चाहिए। इसी प्रकार, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को निजी क्षेत्रों को सौंपने का विरोध किया गया। बैंक में जमा पैसे पर ब्याज की दर बढ़ाई जानी चाहिए और इस ब्याज पर  आयकर से छूट दी जानी चाहिए। रोजगार निर्माण परियोजनाओं और कृषि क्षेत्र के लिए अधिक ऋण दिया जाना चाहिए।

Friday, January 12, 2018

भ्रूण हत्या को बातों से नही हकीकत में रोकने से बनेगा मज़बूत समाज

Fri, Jan 12, 2018 at 8:32 AM
माय वेय से आई अनाथ बच्चों के चेहरों पर आई मुस्कान
लुधियाना: 12 जनवरी 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
लोहड़ी के पावन त्यौहार को माय वेय ह्यूमन वेलफेयर संस्था द्धारा बाल भवन में पारिवारिक प्यार के लिए तरस रहे बच्चों के साथ मनाया गया व छोटी छोटी बच्चियों के नाम से लोहड़ी के त्यौहार को मनाते हुए भ्रूण  हत्या व बच्चियों पर हो रहे मानवीय व शारीरिक शोषण के विरुद्ध आवाज़ उठाने का संकल्प लेते हुए मूंगफली और रेवड़ियाँ बांटते हुए समाज सेवक व संस्था के महासचिव वरुण मेहता ने कहा कि  समाज मे उपेक्षित बच्चो को राशन समारोह या अन्य ऐसे दान की नही बल्कि शिक्षित करने की जरूरत है ताकि भविष्य में एक सभ्य व शिक्षित नागरिक बन सके। उंन्होंने कहा कि हमारे समाज मे जरूरतमंद बच्चों और महिलाओं के लिए शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए ठोस कार्य करने हेतु समाजिक संस्थाओं को आगे आकर कार्य करने की जरूरत है। श्री मेहता ने पंजाब सरकार से समाज के उपेक्षित वर्ग के हित मे कार्य करने वाले संगठनों को प्रोत्साहित करने की मांग भी की।
इस अवसर पर क्लब की प्रधान अजिन्दर कौर ने बताया कि हमारी संस्था का एकमात्र लक्ष्य समाज के उपेक्षित व असहाय वर्ग के हित मे कार्य करना है व पंजाब सहित उत्तर भारत के प्रसिद लोहड़ी त्यौहार को जहाँ सारा समाज बड़े बड़े होटलों क्लबो में आयोजन कर मना रहा है वही हमारी संस्था द्धारा इस त्यौहार को बाल भवन में उन बच्चों के साथ मनाने का फैसला लिया गया क्यूंकि वो बच्चे कुछ माता पिता की गलतियों के कारण परिवारिक वात्सल्य पाने से वंचित रह गए हैं। आज उन बच्चों के चेहरों पर खुशी देखकर इस त्यौहार का आनंद हम सभी के लिए दुगना हो गया है। उन्होंने कहा कि आज हर नेता  व संगठन भ्रूण हत्या रोकने की बड़ी बड़ी बातें करते हैं लेकिन हकीकत में आज भी यह कुरीति हमारे समाज को दीमक की तरह खा रही है और भ्रूण हत्या के लिए मुख्य तौर पर हमारा सभ्य समाज जिम्मेवार है। हमारी संस्था द्धारा जल्द ही इस मामले में समाज को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया जा रहा है
इस अवसर पर बाल भवन के सभी बच्चों व संस्था के सदस्यों ने ढोल की थाप व डीजे की धुन पर खूब भंगड़ा डाला व संस्था द्धारा नवजनमी बच्ची के नाम पर लोहड़ी के त्यौहार को मनाते हुए समाज के लिए मंगलकामना की। प्रदेश वासियों से लडकियों की लोहड़ी को भी धूमधाम से मनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में अन्य मनदीप कौर , ऋतु बिंद्रा,  गीतिका अरोड़ा , गुरचरण कौर , प्रियंका शर्मा , रिंकी मनुजा , रीटा मक्कड़ , रीना बंसल , नीतू सलूजा  , रमणीक अरोड़ा , रजनी अरोड़ा , विजया शर्मा , गरिमा अरोड़ा , कमलजोत कौर ,परमिंदर सिंह , अमृत शमीर सिंह , जसकीरत सिंह, पवन कुमार  भी उपस्थित थे। 

Wednesday, January 10, 2018

महिलाओं के नाम पर नहीं सहन होगा पुरुषों का राज-बेलन ब्रिगेड

Wed, Jan 10, 2018 at 12:56 PM
नशे के बाद अब निशाने पर महिलाओं को दबाने वाली नीति
महिलायें अब पुरुषों की अंगुली पकड़कर नहीं बल्कि खुद अपने रास्ते और मंजिल की तलाश करें 
जो महिलाऐं चुनावों में अपनी पति के कन्धों पर बैठ कर वोट मांगने आएंगी उन्हें जनता वोट न दे 
नारी तूं अबला नहीं झांसी की रानी है 
तुझे अब देश को भाई-भतीजाबाद बेईमान नेताओ के चगुल से आज़ाद कराना है
लुधियाना: 10 जनवरी 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):: 
हिंदी कुञ्ज से साभार तस्वीर 
किसी समय नशे के खिलाफ जंग में एक नई उम्मीद बन कर उभरा बेलन ब्रिगेड अब शायद अपना रास्ता और निशाना बदल चुका है। अब उसके निशाने पर हैं वो लोग जो महिलाओं को स्वतंत्र शक्ति बनने या बनाने के रास्ते में रुकावट बने हुए हैं। इस मामले में उन महिलाओं का भी लिहाज़ नहीं होगा जो खुद अपनी स्वतंत्रता को पुरुषों के पांवों पर रख कर गुलाम बनने पर तैयार हो जाती हैं। बेलन ब्रिगेड ने लुधियाना में हो रहे नगर निगम चुनावों में आम जनता से स्पष्ट कहा है कि उन महिलाओं को कत्तई वोट न दें जो पुरुषों के सहारे वोट मांगने आएं। गौरतलब है कि लुधियाना के नगर निगम चुनावों में बहुत सी सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित कर दी गयी हैं। बेलन ब्रिगेड के मुताबिक इन 50 प्रतिशत सीटों पर हम चुनावी परिणाम बदल कर रहेंगे। महिलाओं के नाम पर पुरुषों का राज हम नहीं होने देंगें। 

भारत में सदियों से घरो में बंद व परदे में रहने वाली महिलाओं को अब घरों  की चारदिवारी से बाहर आकर पुरुष प्रधान समाज में अपने अधिकारों की  प्राप्ति के लिए एक बहुत बड़ा संघर्ष करना होगा यह तभी सम्भव होगा जब वे पुरुषों  अंगुली पकड़कर नहीं बल्कि खुद अपने रास्ते और मंजिल की तलाश करें। 
बेलन ब्रिगेड ने महिलाओं के अधिकारों हेतू समाज में एक आन्दोलन की शुरूआत की है जिसके तहत नारी तूँ अबला नहीं झाँसी की रानी है तुझे अब देश को भ्र्ष्टाचार, भाई-भतीजाबाद, चोरबाज़ारी व बेईमान नेताओ के चगुल से आज़ाद कराना है। बेलन ब्रिगेड प्रमुख अनीता शर्मा इस मुद्दे पर अब फिर पूरे जोश में है। अनीता शर्मा ने इस संबंध में खुल कर कई बातें कीं। 

उन्होंने कहा कि लुधियाना के नगर निगम चुनावों में सभी राजनीतिक पार्टियों के लोग पार्षद  की सीट पाने के लिए अपनी दावेदारी ठोक रहे हैं चाहे यह दावेदार समाज हित के लिए कुछ कर सकता है या नहीं। 
इस बार 50 प्रतिशत सीटें नगर निगम में महिलाओं के लिए रिजर्व हो चुकी है और सभी वार्डों में जो मर्द चुनाव लड़ने के इच्छुक थे उनके वार्ड महिलाओं के नाम रिजर्व हो चुके हैं। और अब यह मर्द अपनी अपनी पत्नियों को कन्धों पर बिठाकर टिकट लेने के लिए घूम रहें हैं। अधिकतर महिलाऐं घर में खाना बनाने व घर गृहस्थी का काम ही करती है और इन घरेलू महिलाओं को उनके घर वाले अपनी पहुँच से टिकट दिलवा देते हैं और ऐसी महिलाऐं जो चुनाव जीतने के बाद भी घरेलू ही रहती हैं और उनके पति परमेश्वर ही सारा पार्षद का काम खुद करते हैं जिन्हे पति पार्षद के नाम से पुकारा जाना लगा है। 
अनीता शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष बेलन ब्रिगेड ने  जनता से अपील की है कि वोटर केवल उन्ही महिलाओं को वोट दे जो पहले ही समाज में निष्काम, निःस्वार्थ  काम कर रही हैं चाहे वो किसी भी पार्टी में हो या किसी राजनैतिक पार्टी में न भी हो सिर्फ यह ध्यान रखे कि क्या वो समाज भलाई के काम करने अग्रसर हो । और जो महिलाऐं नगर निगम चुनावों में अपनी पति के कन्धों पर बैठ कर वोट मांगने आएंगी उन्हें जनता वोट न दे क्योकि यह लोग सत्ता के भूखे हैं। इन्हे समाज सेवा या लोगों की भलाई से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने तो चुनावों में अपनी पत्नी को जीता कर कुर्सी पर बिठा कर पार्षद पति ही बनंना है वार्ड के समाज के काम हो या न हो। 
अनीता शर्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष बेलन ब्रिगेड सभी राजनैतिक पार्टियों से अपील करती है कि नगर निगम चुनावों में टिकट उन्ही महिलाओं को दिया जाए जो पहले ही समाज में जनता की भलाई के लिए कार्य कर रही हैं। वास्तव में यही महिला सशक्तिकरण होगा जब महिलाये खुद पुरुष प्रधान समाज में आगे आकर अपने हक़ व समाज के जरूरतमंद लोगो के दुख तकलीफो लिए के लिए लड़ेगी। 
अब समय आ गया है महिलाएं अपने अधिकारों को पाने के  लिए घरो से बाहर आकर अपनी लड़ाई आप लड़े।  

Tuesday, January 09, 2018

"द ट्रिब्यून" की रचना खेरा के खिलाफ FIR का मामला गर्माया

By Email: Tue, Jan 9, 2018 at 6:14 PM
लुधियाना प्रेस क्लब ने भी व्यक्त किया तीखा रोष 
*जालंधर की महिला पत्रकार रचना खेरा के समर्थन में उतरे पंजाब भर के पत्रकार
*दर्ज एफआईआर के विरोध में लुधियाना प्रेस क्लब ने भी किया रोष प्रदर्शन
*काले बिल्ले लगा मीडिया कर्मियों ने डीसी के जरिये पीएम को सौंपा ज्ञापन
लुधियाना: (रीना अरोड़ा//पंजाब स्क्रीन)::
सत्ता के गलियारों से लेकर प्रशासनिक खामियां और समाज व देश विराधी तमाम गतिविधियों को अपनी कलम के माध्यम और कैमरों की तीखी नजर से सच्चाई बयां करने वाले तमाम मीडिया कर्मीयों और फोटो ग्राफरों ने पंजाबभर में आज जालंधर से जुड़ी अंग्रेजी दैनिक की महिला रिपोर्टर रचना खेरा और चंडीगढ़ से प्रकाशित प्रमुख अंग्रेजी अखबार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।  स्मरण रहे कि कल दिल्ली पुलिस ने आधार से जुड़ा डाटा लीक करने का पर्दाफाश करने वाली महिला रिपोर्टर और उससे संबंङ्क्षधत अखबार के विरूद्ध कुछ सियासी हुकमरानों के इशारे पर ने भी मुकदमा दर्ज किया है। महिला रिपोर्टर ने अपनी खबर के माध्यम से स्टींग आप्रेशन करके आम जनता को आईना की तरह सच्चाई दिखाते हुए लिखा था कि मात्र 500 रूपए में आधार से जुड़ी जानकारी पंजाब में मुहैया करवाई जा रही है।   जबकि रचना खेरा का दावा था कि 10 लाख लोगों के आधार डाटा उपलब्ध होने की बात कही गई थी। पत्रकार ने वटसअप के जरिए तीन शख्सों से आधार डाटा प्राप्त करने का दावा किया था। जबकि यूआईडीएआई के प्रबंधकों ने बौखलाहट में आकर अपराध शाखा की साइबर सैल में शिकायत दर्ज करवाते हुए मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया था। 
लुधियाना प्रेस क्लब के आह्वान पर लुधियाना के समूह मीडिया कर्मियों द्वारा आधार लीकेज रिपोर्ट को लेकर आज जिला सचिवालय में गहन विचारविमर्श किया गया। इसी संबंध में रिपोर्टर रचना खेरा और अखबार के खिलाफ दर्ज  एफ आई आर के रोष स्वरूप एक ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर डिप्टी कमिश्नर लुधियाना प्रदीप अग्रवाल को सौपा गया, जिसमें एफआईआर को डिसमिस करने की मांग की गई। इस दौरान मीडिया कर्मियों ने काले बिल्ले लगाकर रोष जताया व दर्ज एफ आई आर की क ड़ी आलोचना की। इस मौके पर संबोधित करते हुए सीनियर पत्रकारों वरिंदर प्रमोद बातिश, राजेश भांबी, सुनील राय कामरेड, नीरज मैनरा, अश्वनी जेटली, परमेशर सिंह, तरसेम देवगन, करण कपूर, सरबजीत लुधियानवी ने इस कारवाई को मीडिया की आजादी पर हमला करार देते हुए कहा कि भारत एक आजाद देश है और पत्रकारों को भी अपनी आजादी के मुताबिक प्रशासनिक और सरकारी खामियों को उजागर करने का अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि अलगअलग संस्थाएं और ताकतवर व्यक्ति हमेशा कलम को झुकाना और दबाना चाहता है, जिसे किसी कीमत पर बरदाश्त नहीं किया जाएंगा।
उन्होंने मांग रखी कि दर्ज एफ आई आर तुरन्त रद्द की जाये। उन्होंने कहा कि रिपोर्टर ने तो केवल अपनी रिपोर्ट के जरिये यूआईडीआई में मौजूद खामियों को उजागर किया है। जो देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता था तथा नागरिकों के मौलिक अधिकरों का हनन हो रहा था। समूह पत्रकारों ने सरकार को चेताया कि अगर तुरंत एफ आई आर खारिज न हुई तो कलम के सिपाही सडक़ों पर उतरने को मजबूर होंगे। इस मौके पर रजनी, नवीन शर्मा, रोहित गौड, अजय नेपाल, विपण जंड, दीपक सेलोपाल, आशुतोश गौतम, प्रतीक आनंद, वरुण भाटिया, विशाल गर्ग, पुनीत बावा, यशपाल शर्मा, कंवलदीप डंग,  राजीव तलवार, आर वी सम्राट, कुलविंदर मिंटू, प्रितपाल, नरिंदर मोहिंद्रू, अरुण कुमार, राजिंदर, बिंदर, रूपेश, मोहित बहल, गौतम जालंधरी, राहुल तंवर, मंजीत दुगरी, संतोष पाठक, रोहित कुमार, सेठी चौहान, अरुण कुमार, आदि भी मौजूद थे।
फोटो : 1- महिला पत्रकार रचना खेरा, लुधियाना के समूह पत्रकार, जिलाधीश  प्रदीप अग्रवाल को ज्ञापन देते हुए। 
आधार डाटा लीक मामले में महिला पत्रकार को एफआईआर पर गर्व
सुनीलराय कामरेड : अखबारों के शहर के नाम से पंजाब में विख्यात जालंधर की दिलेर और होनहार बेटी ने आधार कार्ड से संबंधित खामियों को उजागर करके सेंध लगाने का मामला सुर्खियों में है। महिला पत्रकार रचना खेरा ने यूआईडीएआई अधिकारियों द्वारा मुकदमा दर्ज किए जाने की भनक पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उसे अपनी खबरों की रचना पर गर्व है और वह इस घटनाक्रम पर बहुत खुश है। रचना खेरा ने कहा कि उसने एफआईआर में नाम कमाया है। स्मरण रहे कि रचना खेरा ने एक रिपोर्ट के जरिए आधार कार्ड का डाटा चंद रोकड़ो में मिलने का खुलासा किया था।  रचना खेरा ने यह भी कहा कि वह बहुत खुश है कि कम से कम यूआईडीएआई ने उसकी रिपोर्ट पर कार्यवाही तो की। उसने यह भी कहा कि वह सच पर यकीन रखती है। अब भारत सरकार देखे कि इस सारी जानकारियों को हासिल करने में कौन-कौन सी खामियां पाई गई है। जब खेरा से पूछा गया कि वह अपनी रिपोर्ट पर कायम है तो उसने हां बोलते हुए यह कहा कि मैं अपने हर लिखे शब्द पर कायम हूं। उसने यह भी कहा कि वह अधिकांश कुछ कह नही सकती किंतु वह खुश है कि जालंधर के अखबारों की मंडी से वह देश की सुखियों की मंडी दिल्ली में पहुंच गई है और उसे अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिल रहा है। रचना के मुताबिक उसकी रिपोर्ट को बड़ी-बड़ी हस्तियों ने प्रशंसा की है। उसने कहा कि उसका अखबार उसे हर प्रकार की कानूनी सहायता दे रहा है। एफआईआर वापिस लिए जाने का निवेदन क्या वो करेंगी तो उसने कहा कि उसे विश्वास है कि भारत सरकार इस मामले में ताजे घटनाक्रम पर अवश्य गौर करेंगी और उसे उम्मीद है कि जल्द ही सबकुछ सुनने को मिल सकता है।
मामला आधार डाटा लीक का : मीडिया की आजादी पर खड़े सवाल
पत्रकार रीना अरोड़ा ने उस युग में कम्यूटर की मुहारत हासिल कर ली थी जब इस मामले में बड़ी बड़ी उम्र के अनुभवी लोग भी हाथ खड़े कर देते थे। सुनील कामरेड के साथ ने पत्रकारिता में उसे बहुत सी बारीकियां सिखायीं। इन बारीकियों के साथ ही सिखाया अधिकारों की जंग में कैसे लड़ना है और कैसे जीतना है। अब जब रचना खेरा के खिलाफ FIR का मामला गर्माया है तो रीना अरोड़ा और सुनील कामरेड भी पीछे नहीं रहे। लुधियाना के सम्वेदनशील माहौल में इस मुद्दे को लेकर रोष व्यक्त करना आसान नहीं था। कई गुट-कई नेता--इसके बावजूद एक अच्छी शुरुआत रही। आओ इसे तब तक जारी रखें जब तक इस तरह की साजिशें रचने वाले लोग तौबा नहीं करते। यहाँ प्रस्तुत है रीना अरोड़ा की एक रिपोर्ट जो हमें इमेल से मिली है। 

Sunday, December 24, 2017

लगातार बुलंद हो रही है शहनाज़ के लिए इन्साफ की मांग

Sun, Dec 24, 2017 at 4:57 PM
श्रद्धांजली आयोजन ने समाज से पूछा-आखिर कब जागोगे आप लोग?
लुधियाना24 दिसम्बर 2017: (पंजाब स्क्रीन टीम)::
नवरात्र का उपवास रखने वाले देश में ही हुई थी शहनाज़ की हत्या। अनगिनत धार्मिक स्थलों से भरे देश में ही हुआ था उसके साथ दुष्कर्म। जब उसने आवाज़ उठाई तो किसी ने नहीं दिया उसे इन्साफ। दरिंदों की दरिंदगी इतनी बढ़ी कि न्याय की जंग लड़ने निकली शहनाज़ को जिंदा जला दिया गया। अफ़सोस कि न तो धरती डगमगाई न ही आसमान टूटा और न ही लोग जागे। बहुत से लोगों ने इसे भी भगवान की मर्जी कह कर आँखें बंद कर लीं और अपने काम धंधों में मस्त हो गए। वास्तव में इस तरह के लोग भी ज़िम्मेदार हैं समाजविरोधी गुण्डातत्वों की मनमानियां बढ़ाने में। इन पर लगाम कसना सभी का फ़र्ज़ होना चाहिए न कि सिर्फ किसी शहनाज़ के परिवार का। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शहनाज़ का दर्द किसी ने न सुना। More Pics on Facebook
इस दर्द की आवाज़ को सुना तो उन लाल झंडे वाले लोगों ने जिन्हें लोग नास्तिक कह कर मूंह फेर लेते हैं। यह लोग 2014 से लगातार शहनाज़ के लिए इन्साफ मांग रहे हैं। लोगों को इस मकसद के लिए जागरूक कर रहे हैं। आज भी ढंडारी के इलाके में इसी तरह का कार्यक्रम था। दिल को हिलाता हुआ। दिमाग में सवाल पैदा करता हुआ। सरे समाज से पूछता रहा था यह आयोजन कि आखिर कब जागोगे ? किस की इंतज़ार कर रहे हो? जब हर घर की कोई न कोई शहनाज़ इन दरिंदों का निशाना बनेगी? आयोजन में चेताया गया कि अगर अब आप आगे नहीं आये तो उस समय कोई आपकी मदद के लिए आने वाला नहीं बचेगा। इस चेतना को जगाने के लिए इंक़लाबी गीत संगीत का कार्यक्रम भी हुआ। दर्द के साथ संघर्ष और हौंसले की ताल मिलाई गयी।  बुलंद आवाज़ में कहा गया कि हम इन गुंडों से नहीं डरेंगे। नारे लगाए गए-गुंडागर्दी चक्क दियांगे-धौण ते गोदा रख दियांगे। इस आयोजन ने सहमे और डरे हुए लोगों में एक नयी जान फूंकी।
ढण्डारी अपहरण, बलात्कार व कत्ल काण्ड की पीडि़ता शहनाज़ की तीसरी बरसी पर आज ढण्डारी बलात्कार व कत्ल काण्ड विरोधी संघर्ष कमेटी द्धारा ढण्डारी, लुधियाना में श्रद्धांजलि समागम किया गया। श्रद्धांजलि समागम में शामिल लोगों ने शहनाज़ को इंसाफ़ दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि बलात्कारी गुण्डा गिरोह के खिलाफ शहनाज़ के न्यायपूर्ण संघर्ष को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। श्रद्धांजलि समागम को विभिन्न जनसंगठनों के प्रतिनिधियों व शहनाज़ के माता-पिता ने सम्बोधित किया। क्रान्तिकारी सांस्कृतिक मंच ‘दस्तक’ की ओर से जुझारू गीत पेश किए गए। यह वो गीत थे जिनमें शोषण का शिकार हुयी जनता का दर्द था। इस दर्द को दूर करने वाली मरहम की बात थी। आम जनता के हक पर चील बन कर मंडरा रहे शोषकों की चुनौती स्वीकार करने का ऐलान था।  
कारखाना मज़दूर यूनियन, पंजाब; टेक्सटाइल-हौज़री कामगार यूनियन, पंजाब; स्त्री मज़दूर संगठन, पंजाब स्टूडेंटस यूनियन (ललकार); नौजवान भारत सभा व बिगुल मज़दूर दस्ता संगठनों द्धारा गठित ‘ढण्डारी बलात्कार व कत्ल काण्ड विरोधी संघर्ष कमेटी’ की तरफ से आयोजित श्रद्धांजलि समागम में विभिन्न संगठनों के वक्ताओं ने कहा कि शहनाज़ दमन-उत्पीडन का शिकार सभी स्त्रियों और साधारण जनता के सामने संघर्ष का एक प्रतीक है। बलात्कार, अपहरण, छेड़छाड़ जैसे जुल्मों का शिकार अधिकतर महिलाएं व उनके परिवार इन घटनाओं को सामाजिक बदनामी, मारपीट, जान गंवाने, न्याय की नाउम्मीदी आदि कारणों के चलते छिपा जाते हैं। लेकिन बहादुर शहनाज़ और उसके परिवार ने ऐसा नहीं किया। 
शहनाज़ ने लड़ाई लड़ी और वह लड़ते-लड़ते मौत को गले लगा गई। वह जुल्म के सामने घुटने न टेकने की मिसाल कायम करके गई है। उसे हमेशा याद रखना होगा। वक्ताओं ने कहा कि स्त्रियों को भयानक जुल्मों का सामना करना पड़ रहा है। स्त्रियों को इसके खिलाफ़ एकजुट होना होगा। हर इंसाफपसंद व्यक्ति को इस संघर्ष में शामिल होना होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को स्त्रियों सहित सभी आम लोगों की सुरक्षा, दमन-जुल्म से छुटकारे के लिए सरकारी व्यवस्था से कोई उम्मीद न करके एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को गुण्डा-पुलिस-राजनीतिक नापाक गठजोड़ के खिलाफ जुझारू जनान्दोलन सगंठित करना होगा।
संघर्ष कमेटी के संयोजक लखविन्दर ने बताया कि शहनाज़ को 4 दिसम्बर 2014 को एक गुण्डा गिरोह ने मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर जला डाला था। इससे पहले शहनाज़ को 25 अक्टूबर 2014 को अगवा करके दो दिन तक सामूहिक बलात्कार किया गया था। राजनीतिक सरपरस्ती में पलने वाले इस गुण्डा गिरोह के खिलाफ़ कार्रवाई करने में पुलिस ने बेहद ढिलाई बरती, पीडि़तों की ढंग से सुनवाई नहीं की गई, रिपोर्ट लिखने और मेडिकल करवाने में देरी की गई। बलात्कार व अगवा करने के दोषी 18 दिन बाद जमानत करवाने में कामयाब हो गए। गुण्डा गिरोह ने शहनाज़ और उसके परिवार को केस वापिस लेने के लिए डराया, जान से मारने की धमकियाँ दीं। 4 दिसम्बर को दिन-दिहाड़े सात गुण्डों ने उसे मिट्टी का तेल डाल कर जला दिया। 9 दिसम्बर को उसकी मौत हो गई। गुण्डा गिरोह के इस अपराध व गुण्डा-सियासी-पुलिस-प्रशासनिक नापाक गठजोड़ के खिलाफ़ हज़ारों लोगों द्वारा ‘संघर्ष कमेटी’ के नेतृत्व में विशाल जुझारू संघर्ष लड़ा गया था। जनदबाव के चलते दोषियों को सजा की उम्मीद बँधी हुई है। कत्ल काण्ड के सात दोषी जेल में बन्द हैं। अदालत में केस चल रहा है। पुलिस द्वारा एफ.आई.आर. दर्ज करने में की गई गड़बड़ों के चले अगवा व बलात्कार का एक दोषी जमानत पर आज़ाद घूम रहा है। लखविन्दर ने कहा कि इन बलात्कारियों व कातिलों के फाँसी की सजा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
श्रद्धांजलि समागम को ‘संघर्ष कमेटी’ के संयोजक व कारखाना मज़दूर यूनियन, पंजाब के अध्यक्ष लखविन्दर; टेक्सटाइल-हौज़री कामगार यूनियन, पंजाब के अध्यक्ष राजविन्दर; स्त्री मज़दूर संगठन की बलजीत; मोल्डर एण्ड स्टील वर्कर्ज यूनियन के अध्यक्ष हरजिन्दर सिंह, नौजवान भारत सभा के सतपाल व कर्मजीत कोटकपुरा, मज़दूर अधिकार संघर्ष अभियान के नेता सुरिन्दर सिंह, डेमोक्रटिक लॉयर्ज ऐसोसिएशन के नेता एडवोकेट हरप्रीत जीरख, शहनाज़ के पिता मुहम्मद इलियास, पीप्लज मीडिया लिंक के रेक्टर कथूरिया आदि ने सम्बोधित किया। 
इस अवसर पर जनचेतना द्वारा पुस्तक प्रदर्शनी भी लगाई गई। 
इस अभियान से जुड़ने के लिए आप सम्पर्क कर सकते हैं लखविन्दर से जो ढण्डारी बलात्कार व कत्ल काण्ड विरोधी संघर्ष कमेटी के संयोजक   हैं। उनका मोबाईल फोन नंबर है:9646150249