Saturday, February 03, 2018

लक्ष्णों के बावजूद ऑपरेशन में देरी करना जानलेवा भी हो सकता है

[17:22, 2/3/2018]
पित्ते की पथरी पर डा. नरोत्तम दीवान ने किया सावधान  
लुधियाना: 3 फरवरी 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
दीवान अस्पताल एंड एडवांस्ड लेप्रोस्कोपिक सजर्री  सेंटर के सेमिनार रूम में शनिवार को सीएमई का आयोजन किया गया। सीएमई में पित्ते की पथरी के इलाज व दूरबीन से ऑपरेशन के प्रसिद़्ध जनरल एंड लेप्रोस्कोपिक सजर्न डॉ.नरोत्तम दीवान ने ‘पित्ते की पथरी का समय पर ऑपरेशन कराने से होने वाली समस्याएं’ विषय पर संबोधित किया। 
डॉ.दीवान ने कहा कि वैसे तो पित्ते की पथरी के बारे में पता चलने के तुरंत बाद ऑपरेशन करना जरूरी नहीं है लेकिन पेट में मामूली दर्द, हाजमा खराब होना, गैस ज्यादा बनने, उलटी आने या बुखार चढ़ने जैसे लक्ष्णों के बावजूद ऑपरेशन में देरी करना जानलेवा भी हो सकता है।
 कई बार पित्ते की पथरी पित्ते से फसलकर पित्त की नलकी में फंसकर पित्त का रास्ता रोक देती है। इससे पित्त आंतड़ियों की बजाय रक्त में जाने लगता है। इससे मरीज की आंखें त्वचा व पेशाब पीला व शौच का रंग सफेद हो जाता है। मरीज के सारी त्वचा पर खुजली होने है।  शरीर में विटामिन के की कमी हो जाती है। विटामिन के की कमी से खून जमने में खराबी आ जाती है और थोड़ी सी चोट पर भी बहुत ज्यादा रक्त बहता है।
इसके अलावा कई बर पित्ते की पथरियां ज्यादा देर रहने तक से पित्ते में सोजिश पड़ने से आसपास की आंतड़ियां उससे चिपक जाती हैं और एक गांठ का आकार ले लेती है। इससे मरीज का एक दम ऑपरेशन नहीं हो पाता है। उसे कुछ महीने दवा लेनी पड़ती है व दाखिल भी होना पड़ता है। 
अगर पथरी एक और बड़ी हो तो वह सालों साल रहने के बाद पित्ते में कैंसर पैदा कर देती है। यह कैंसर जानलेवा होता है, क्योंकिा पित्ता जिगर के पास होने की वजह से कैंसर जिगर में बहुत तेजी से दाखिल हो जाता है, जिससे मरीज एकदम से कैंसर की आािखरी स्टेज में पहुंच जाता है।
 इसी तरह पित्ते की पथरी के ऑपरेशन में देरी करने से पित्ते में मवाद पड़ जाता है या पित्ता गल जाता है। मवाद का प्रेशर ज्यादा पड़ने से पित्ता फब्ट जाता है जोकि खतरनाक स्थिति है। इसके इलाज में रिस्क भी रहता है।
इसी तरह मरीज को कोलेंजाइटिस बीमारी भी हो सकती है, जिसमें कुछ अर्सा पहले तक शत प्रतिशत मरीजों की मौत हो जाती थी। हालांकि अभी भी  सात फीसदी डेथ रेट है।
इसमें मरीज को पीलिया, तेज बुखार व पेट के दाहिने में ऊपरी तरफ दर्द, तेज कंपकंपी होने लगती है। पित्ते की नलकियों में कीटाणु बहुत बढ़ जातो है और मवाद पैदा हो सकता है। वह कीटाणु व मवायद जिगर से होते हुए खून में चले जाते हैं, और सारे शरीर में मवाद, कीटाणाु व उसका जहर फैल जाता है। मरीज का ब्लड प्रेशन बहुत तेजी से गिर सकता है और उसके गुर्दे अैर फेफड़े फेल हो सकते हैं। इसके लिए बहुत तेजी से इलाज की जरूी रहीत है। 
पित्ते की पथरी के इलाज में देरी से पेनक्रियाज ग्रंथी में सोजिश से पेनक्रिएटाइटिस बीमारी हो जाती है। पेनक्रियाज से निकलने वलो द्रव्य गुर्दे व फेफड़ों को फेल कर सकते हैं। इससे पेट में पानी व मवाद भर सकता है। मरीज का ब्लड प्रेशर गिर सकता है व उसकी रक्त की धमनियों में ही ब्लड जम जाता है। पेट में खून की धमनियों के जमने से रक्त बहना भी शुरू हो सकता है। पेनक्रियाज में सोजिश से मवाद पड़ जाने पर बार-बार ऑपरेशन करने पड़ते हैं। इसमें भी मरीज को बहुत लंबे समय तक अस्ताल या आईसीयू में दाखिल रहकर बार-बार ऑप्रेशन कराने पड़ सकते हैं। लेकिन फिर भी दस फीसदी मरीज बच नहीं पाते हैं।

Monday, January 29, 2018

धरना-प्रदर्शनों पर जारी पक्की रोक के खिलाफ़ विशाल रोष प्रदर्शन कल

Mon, Jan 29, 2018 at 5:00 PM
ज़िला प्रशासन की जनविरोधी रोक के खिलाफ हुई विशेष बैठक 
लुधियाना: 29 जनवरी 2018: (पंजाब स्क्रीन टीम):: 
कभी किसी शायर ने बहुत पहले कहा था। शायद शाद लखनवी साहिब ने कि
न तड़पने की इजाज़त है न फ़रियाद की है 
घुट के मर जाऊँ ये मर्ज़ी मिरे सय्याद की है

कुछ इसी तरह के हालात बनाये जा रहे हैं आज के इस आधुनिक दौर में उन लोगों के लिए जो अपना दर्द सरकार के दरबार तक पहुंचाना चाहते हैं। इसका बरसों पुराना ढंग तरीका यही है कि  शांतमयी ढंग से अपना रोष व्यक्त किया जाये। रोष व्यक्त करने वाले लोग जिले में सरकार के प्रमुख प्रतिनिधि अर्थात डिप्टी कमिश्नर को देते हैं या जिला पुलिस प्रमुख। लुधियाना में इन दोनों के कार्यालय लघु सचिवालय अर्थात में साथी हैं।  इस कम्प्लेक्स को नयी कचहरी के तौर पर भी जाना जाता है। शायद ही कोई दिन हो जब यहाँ कोई  कोई संगठन अपना रोष व्यक्त करने न आता हो। लुधियाना जिला प्रशासन इसको लेकर नाराज़ लग रहा है। 
लुधियाना प्रशासन द्धारा अनिश्चितकालीन तौर पर धारा 144 लगाकर धरना-प्रदर्शनों-हड़तालों पर लगाई पक्की रोक और सरकार के काले कानूनों के खिलाफ़ 70 से अधिक जनवादी जनसंगठनों द्धारा डीसी कार्यालय पर होने वाले विशाल रोष प्रदर्शन की तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। 
इस सम्बन्धी आज तालमेल कमेटी की मीटिंग बीबी अमर कौर मैमोरियल लाईब्रेरी हाल में हुई। मीटिंग के बाद जारी ब्यान के जरिए संगठनों ने लोगों को जनआवाज़ कुचलने के लिए लुधियाना प्रशासन/सरकार द्धारा लागू तानाशाह फरमान/काले कानूनों के खिलाफ बड़ी से बड़ी संख्या में रोष प्रदर्शन में पहुँचने की अपील की है। डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन से पहले शहीद करतार सिंह सराभा पार्क (भाई बाला चौंक) में रैली की जाएगी। वहाँ से पैदल मार्च करके डीसी कार्यालय पहुँचकर प्रदर्शन करके मांग पत्र दिया जाएगा।
इन संगठनों ने कासगंज में हिन्दुत्वी कट्टरपंथिओँ की तरफ से मुस्लिम भाईचारे पर किए गए कातिलाना हमले, अगजनी, हिंसा, उल्टा मुस्लमानों को ही दोषी ठहराए जाने के साम्प्रदायिक प्रचार, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा हिन्दुत्वी कट्टरपंथियों के खिलाफ़ कोई कार्रवाई न करने की सख्त शब्दों में निन्दा की है। 

इस अभियान से जुड़ने के लिए आप अरुण कुमार से भी सम्पर्क कर सकते हैं 9646150249 पर 

प्रदेश के बाकी गैंगस्टरों के साथ भी यही सलूक किया जाए:पंचानंद गिरी

 श्री हिन्दु तख्त के वरुण मेहता ने जारी किया तीखा ब्यान 
लुधियाना: 29 जनवरी 2018: (पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
पंजाब  के शांतमय माहौल को खराब करने के लिए खालिस्तान समर्थक आंतकी संगठनों व कुख्यात गैंगस्टरों में मिलीभगत होने की आंशका व्यक्त करते हुए श्री हिन्दू तख्त ने हमेशा जो आरोप लगाए वो अब जांच में भी सामने आ रहे है उपरोक्त बातें श्री हिन्दू तख्त के धर्माधीश जगतगुरु पंचानंद गिरी जी व प्रमुख प्रदेश प्रचारक वरुण मेहता ने आज यह तख्त के नवनियुक्त प्रदेश प्रचारक चेतन बवेजा के कार्यलय में विशेष बातचीत में लगाये।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की माफिया समर्थक नीतियों के कारण प्रदेश में गैंगस्टरों की तादाद बढ़ी और इनके द्वारा राज्य में वर्चस्व कायम करने के लिए सरेआम हत्याए व लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया गया व कई घटनाओं में बेटियो की इज़्ज़त बचाने की खातिर पुलिस कर्मचारियों को निशाना बनाने से उक्त गैंगस्टरों के हौसले बढ़ गए थे   पूर्व सरकार के दबाव में  पुलिस विभाग इनके खिलाफ ठोस एक्शन लेने में नाकाम रहा और इन लोगो की गतिविधियां बढ़ती गई।
जगतगुरु पंचानंद गिरी व वरुण मेहता ने कहा कि पिछले 2 वर्षों के दौरान  विभिन्न संगठनों के नेताओ सहित तख्त के जिला प्रचारक शहीद अमित शर्मा की हत्या में भी अलगवादी खालिस्तानी कट्टरपंथियों तथा गैंगस्टरों की मिलीभगत की आशंका भी हमने जताई जोकि इन हत्याओं के पर्दाफाश होने पर सच साबित हुई 
कैप्टन सरकार ने शपथ लेते ही गैंगस्टरों के खात्मे के ऐलान किया था व जाबाज़ अधिकारियों को शामिल कर विशेष टीमें बनाई थी जिसके द्वारा गैंगस्टर विक्की गोंडर व प्रेमा लाहौरिया व अन्य को मारा गया जोकि सराहनीय कार्य है वरना जांच में गोंडर व उसके साथियों के विदेशी खालिस्तानी  आकाओ के साथ मिलकर पंजाब के हालात खराब करने के लिए बड़ी साज़िशें रचने की तैयारियों का खुलासा हुआ है 
उन्होंने गोंडर के अन्य साथियों सहित बाकी कुख्यात गैंगस्टरों के साथ भी यही सलूक करने की मांग करते हुए कहा कि श्री हिन्दू तख्त प्रदेश के अमन चैन के लिए गैंगस्टरों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में पुलिस विभाग को पूर्ण सहयोग करेगा ।
पंचानंद गिरी व वरुण ने कैप्टन।सरकार द्वारा प्रदेश से माफिया व  गैंगस्टरों के खात्मे के लिए पुलिस महानिदेशक श्री सुरेश अरोड़ा जी के नेतृत्व में काउंटर इंटेलिजेंस विग को खुली छूट देने की सराहना करते हुए कहा कि इससे प्रदेश में ला एंड ऑर्डर की स्थिति मजबूत होगी उन्होंने सरकार से शोशल मीडिया पर चेतावनियां देने व इस मुड़भेड़ को लेकर दुष्प्रचार करने वाले तत्वों को भी नुकेल डालने की मांग की। 
श्री हिन्दू तख्त विक्की गोंडर व प्रेमा लाहौरिया को गोली मारने वाले पुलिस अधिकारी गुरमीत चौहान व विक्रम बराड़ को जल्द शांति रक्षक अवार्ड से सम्मानित करेगा । इस अवसर पर सर्वश्री आरडी पूरी चेयरमैन तख्त पंजाब , परविंदर भट्टी उत्तर भारत अखिल भारतीय हिन्दू स्टूडेंट फेडरेशन प्रमुख ,एस डी पूरी उप चैयरमेन , जिला प्रमुख प्रचारक शिवम कुमार , प्रचारक धरमिंदर जज , प्रचारक मनमोहन कुमार , इंद्रजीत पासी , बबल कुमार व अन्य भी उपस्थित थे।
इस सम्बन्ध में और जानकारी ली जा सकती है श्री हिन्दू तख्त के प्रमुख प्रदेश प्रचारक वरुण मेहता से 9888409090

Thursday, January 25, 2018

वृद्ध आश्रम हमारे सभ्य समाज के लिए अभिशाप हैं

बजुर्ग हमारे समाज की मजबूत नींव हैं उनका सम्मान करना हमारा कर्तव्य  है:वरुण मेहता 
लुधियाना: 25 जनवरी 2018:(पंजाब स्क्रीन ब्यूरो)::
धर्मकर्म और धर्मस्थलों से भरे इस देश में जन्म देने वाले मातापिता को वृद्ध होने के बाद घर से निकाल कर किसी वृद्धाश्रम में छोड़ने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। न जाने यह सब किस धर्म के अंतर्गत किया जा रहा है। यह बात संतोषजनक भी है और चमत्कार भी कि इन वृद्धों को वे लोग संभालते हैं जिनका इसने खून का कोई रिश्ता नहीं होता। जहां सगे छोड़ जाते हैं वहां बेगाने आ कर संभाल लेते हैं।  
भारत के 69 वे गणतन्त्र दिवस  को My Way फार ह्यूमन वेलफेयर सोसाईटी द्धारा भी कुछ अलग ढंग से मनाया गया। इस सोसायटी के सदस्यों और पदाधिकारियों को महसूस हुआ कि जब तक ये वृद्ध लोग उदास रहेंगे तब तक तिरंगा भी हमारी सलामी स्वीकार नहीं करेगा। जब तक इनका आशीर्वाद नहीं मिलेगा तब तक भगवान भी प्रसन्न नहीं होंगें। "मेरा भारत महान" कहना तो आसान है लेकिन वास्तविक ज़िंदगी में ऐसी महानता पैदा करना कुछ कठिन है जिस पर सचमुच गर्व किया जा सके। वृद्धों की उदासी को दूर करके इस सोसायटी ने कुछ इसी तरह की कोशिश की है।  स्थानीय मॉडल टाऊन में स्वामी विवेकानंद वृद्ध आश्रम में रहने वाले बजुर्गो के साथ इस सोसायटी ने केक काटकर खुशी मनाई। इस ख़ुशी को संस्था की अध्य्क्ष अजिन्दर कौर व महासचिव वरुण मेहता के नेतृत्व में मनाया गया।
इस अवसर पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए वरुण मेहता ने कहा कि हमारे बजुर्ग किसी मज़बूत इमारत की नींव के समान है जैसे नींव मज़बूत होने से इमारत का भविष्य उज्ववल होता है उसी प्रकार बजुर्गो के होने से उनके मार्गदर्शन में परिवार व समाज को योग्य मार्गदर्शन मिलता है लेकिन अफसोस आज साईंस के बढ़ते युग मे हमारा समाज जितना सभ्य होने का ढोंग करता है उतनी तेज़ी से वृद्ध आश्रमों के निर्माण की बढ़ोतरी हो रही है जोकि हमारे समाज के लिए कलंक है।  ईश्वर के रूप में माता पिता की सेवा व उनके दर्शन ही सबसे उत्तम है लेकिन दुर्भाग्यवनश कुछ लोगो की तरफ से माता पिता की सेवा करने की बजाय उन्हें वृद्ध आश्रम में रहने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे सविधान में अगर माता पिता का अपमान करने व उन पर अत्याचार करने वाली औलाद को कठोर सजा देने का प्रावधान होता तो शायद आज उम्र के इस पड़ाव में इन बजुर्गो को इस तरह बेबसी की हालत में  रहने के लिए विवश न होना पड़ता।
संस्था की अध्य्क्ष अजिन्दर कौर ने कहा कि हमारी संस्था ने हमेशा ही समाज के जरूरतमंद वर्ग की सेवा करने व उनके सहभागी बनने को अपना कत्तर्व्य समझा है इसलिए आज गणतन्त्र दिवस को वृद्ध आश्रम में मनाने से हमे जहाँ गर्व महसूस हो रहा है वही समाज की सेवा करने के लिए इन बजुर्गो का अनमोल आशीर्वाद भी हमे मिल रहा है । उन्होंने कहा कि सोना पुराना होने से पीतल नही हो जाता बल्कि उसकी गुणवत्ता और बढ़ जाती है उसकी कीमत पुराना होने के कारण कई गुना बढ़ जाती है लेकिन हमारे समाज के कई लोग परिवार की नींव रखने वाले बजुर्ग माता पिता की सेवा करने व उन्हें दो वक्त की रोटी देने की बजाय उन्हें वृद्ध आश्रम में छोड़ कर कभी न भरने वाले जख्म देते है जबकि माता पिता कोहिनूर के हीरे जैसे है जिनकी चमक पुराने होने के साथ ही बढ़ती जारही है इस अवसर पर संस्था द्वारा आश्रम में रहने वाले बजुर्गो को जरूरी राशन सामग्री व दवाईया भेट की गई व सभी सदस्यों ने मिलकर बजुर्गो का आशीर्वाद लेते हुए उनके साथ परिवारिक माहौल बनाते हुए खुशी के पल बाटे ।
इस अवसर पर आश्रम के प्रशाशक विकास भारती सहित संस्था की तरफ से गुरचरण कौर,नीतू सलूजा , रीटा मक्कड़, रितु बिंद्रा, रिंकी मनोचा, दमनप्रीत बहल, ममता मल्होत्रा, अनिता घई व अन्य भी उपस्थित थे। 
इस अभियान से जुड़ने के इच्छुक संस्था की अध्यक्षा अजिन्दर कौर से 9779668799 पर और महांसचिव वरुण मेहता से 9888409090 पर सम्पर्क कर सकते हैं। 
आप इस विषय पर क्या सोचते हैं? कौन है कसूरवार? क्यों आया हमारे धार्मिक और सांस्कृतिक  समाज में यह खतरनाक अमानवीय बदलाव? आपने विचार अवश्य भेजिए। यह सिलसिला वास्तव में भारतीय संस्कृति और परम्परा पर एक आघात है। सूक्ष्म हमला है हमारे समाजिक और धार्मिक सिस्टम को थस नहस करने का। जो लोग आज अपने मातापिता को घरों से निकाल कल वृद्धाश्रम में भेज सकते हैं वे लोग कल को देश से भी ऑंखें फेर लेंगें।  



Wednesday, January 24, 2018

डी डी जैन कालेज में इस बार टीचर लर्निंग पर सेमिनार

विचार चर्चा में खुल कर कहीं गयीं खरी खरी बातें 
लुधियाना: 24 जनवरी 2018: (पंजाब स्क्रीन टीम):: और तस्वीरें फेसबुक पर देखें यहां क्लिक करके 
कभी एक गीत बहुत लोकप्रिय हुआ था--
चल भाग चलें पूर्व की ओर--
प्यार मेरा न चोरी कर लें ये पश्चिम के चोर-
भागने वाले पश्चिम की हवाओं से भरे माहौल से भागने की जकड़ छुड़ा कर भागने में सफल भी रहे लेकिन पूँजीवाद ने धीरे धीरे पूर्व को भी पश्चिमी रंग में रंग दिया। ऐसा रंगा कि संपति से लेकर जज़बात तक के सौदे होने लगें। हर रिश्ता अपनी गरिमा खो बैठा। हर संबंध पूंजीवाद की चमकदमक में फंस गया। कहीं से खबर आने लगी भाई ने भाई की हत्या कर दी। कहीं से खबर आती बेटे ने मां-बाप को मार डाला। रिश्ते तार तार हो गए। साहिर लुधियानवी साहिब ने जो कुछ बहुत पहले लिखा था--

माटी का भी कुछ मौल मगर--इंसान की कीमत कुछ भी नहीं। 
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यह सब कुछ हर कदम पर सच होने लगा। पूंजीवाद की इन बुराईयों का प्रभाव हर क्षेत्र पर पड़ा। बाप बड़ा न भईया-सबसे बड़ा रुपया। इस नए दौर की हवाओं ने शिक्षा के क्षेत्र में अपना घातक असर दिखाया। हाल ही में यमुनागर से खबर आयी की एक छात्र ने अपनी प्रिंसीपल को गोलियां मार दीं। अध्यापन क्षेत्र से जुड़े लोगों को आंदोलनों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ा। गुरु और शिष्य के संबंध बिगड़ते चले गए। शिक्षा जगत की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करने में पहल दिखाई लुधियाना के  देवकी देवी जैन मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमन ने।  इस कालेज में ‘इनोवेटिव प्रेक्टिस के जरिए टीचिंग, लर्निंग और एजुकेशन’ विषय पर दो दिवसीय नेशनल सेमिनार की शुरुआत की गई। कॉलेज के इंटरनल क्वालिटी एश्योरेंस सेल की तरफ से "नेशनल असेस्मेंट और एक्रिडिएशन काउंसिल" द्वारा इस सेमिनार को स्पांसर किया गया।  गौरतलब है कि इस कालेज में ज्वलंत समस्याओं पर अक्सर बहुत ही अर्थपूर्ण और गंभीर आयोजन होते रहते हैं। इस बार का आयोजन दो दिनों का है और पहले दिन तीन सेशन हुए। बहुत ही शांत माहौल में बहुत ही खरी खरी बातें कही गयीं।  और तस्वीरें फेसबुक पर देखें यहां क्लिक करके 
24 जनवरी बुधवार को शुरू हुए सेमिनार की शुरुआत ज्योति प्रज्वलन और नमोकार मंत्र से की गई। सत्यम ऑटो कंपोनेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के चेयरमैन सुरेश चंद्र मुंजाल ने मुख्य मेहमान के तौर पर शिरकत की। कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सरिता बहल ने सभी मेहमानों, शख्सियतों, डेलीगेट्स और प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के सेमिनार जानकारी बढ़ाने के साथ ही बौद्धिक ज्ञान को भी बढ़ाने में मदद करते हैं। मुख्य मेहमान सुरेश मुंजाल ने देश में क्वालिटी एजुकेशन की जरूरत पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि इस तरह की एक्टिविटीज का आयोजन भविष्य में भी किया जाता रहना चाहिए।  और तस्वीरें फेसबुक पर देखें यहां क्लिक करके 
इस सेमिनार के उदघाटनी भाषण में एएस कॉलेज खन्ना के प्रिंसिपल डॉ. आरएस झांजी ने महत्वपूर्ण संदेश दिया। उनसे पंजाब स्क्रीन की बातचीत के कुछ अंश आप सबंधित वीडियो में भी देख सकते हैं।  उन्होंने टीचिंग लर्निंग प्रोसेस में कॉलेजों द्धारा किए गए प्रयासों के बारे में बहुत ही महत्वपूर्ण जानकारी दी और तर्क पर आधारित चर्चा की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि टीचिंग लर्निंग में आईसीटी का प्रयोग और बेस्ट प्रैक्टिस को इम्प्लीमेंट करना आज के समय के लिए बेहद आवश्यक है।
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पैनल डिस्कशन में जीजीएनआईएमटी के प्रिंसिपल डॉ. हरप्रीत सिंह ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई। प्रताप कॉलेज ऑफ एजुकेशन के डॉ. बलवंत सिंह, एमएम मोदी कॉलेज पटियाला के डॉ. खुशविंदर कुमार, भगत फूल सिंह महिला महाविद्यालय से डॉ. संकेत विज और एससीडी गवर्नमेंट कॉलेज से डॉ. अश्विनी भल्ला पैनलिस्ट रहे। पैनल में प्रोफेशनलिज्म, टेक्नॉलॉजी का महत्व, हायर एजुकेशन का वर्तमान स्तर और हल विषय के साथ ही रिसर्च बेस्ड इनोवेटिव प्रैक्टिस जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। सभी पैनलिस्ट ने कहा कि अध्यापक को सिखाने के लिए उत्साहित होने के साथ ही स्टूडेंट को भी सीखने के लिए उत्सुक रहना होगा। टेक्नीकल सेशन में डॉ. संकेत विज ने टीचिंग लर्निंग और स्टूडेंट्स की इवैल्युएशन के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। डॉ. अश्वनी भल्ला ने कहा कि फॉर्मल एजुकेशन के साथ ही स्टूडेंट्स को नैतिकता भी सिखानी होगी। सेमिनार के पहले दिन 30 रिसर्च पेपर पढ़े गए। सेमिनार में कॉलेज के चेयरमैन सुखदेव राज जैन, नंद कुमार जैन, विपन कुमार जैन, बांके बिहारी लाल जैन, राजीव जैन, अजय जैन, धर्म कीर्ति जैन, अशोक जैन व अन्य भी मौजूद रहे। सेमिनार में वक्ताओं ने एजुकेशन की जरूरत पर भी अपने विचार रखे। डाक्टर अश्विनी भल्ला, डाक्टर बलवंत सिंह और अन्यों ने बहुत ही खरी खरी बातें कहते हुए इस बात पर ज़ोर दिया कि शिक्षा के मौजूदा सिस्टम को बदलने की आवश्यकता है। अभी यह सिस्टम टीचर ओरिएंटेड है इसे स्टूडेंट ओरिएंटेड भी बनाना होगा। डाक्टर हरप्रीत सिंह ने बहुत ही कुशलता और शायराना रंग में इस चर्चा का संचालन किया। अगर दूरदर्शन, आकाशवाणी और अन्य माध्यमों से इसका सीधा प्रसारण होता तो इसका फायदा दूर दूर तक पहुंचता। कुल मिलाकर लुधियाना में एक सार्थक पहल हुई। यमुनागर नगर में लुधियाना की ही बेटी प्रिंसिपल रीतू छाबड़ा की जान ले ली गई।  इस लिए लुधियाना से शुरू हुई शिक्षा जगत पर चर्चा ज्यादा से ज्यादा दूर पहुँच सके तो अधिक फायदा हो सकता है।
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Saturday, January 20, 2018

रक्षा मंत्रालय//आकस्मिकता निकासी: तिब्बा गुफा//

20th Jan 2018 at 4:12 PM by PIB Delhi
लद्वाख सेक्टर में एक साहसिक केसवाक मिशन का संचालन
लेह स्थित हेलिकॉप्टर यूनिट, ‘ द सियाचिन पायनियर्स‘ 19 जनवरी, 2018 को लेह के लद्वाख सेक्टर में केसवाक मिशन को अंजाम देती हुई।
कल लेह स्थित सियाचिन पायनियर्स: 114 ने लद्वाख सेक्टर में जंस्कार घाटी के दूर दराज के पहुंच वाले क्षेत्रों में एक साहसिक केसवाक मिशन का संचालन किया।
यह हताहत जम चुकी जंस्कार नदी के ऊपर आयोजित ‘चादर ट्रेक‘ का एक हिस्सा था। बेहद कम समय में प्राप्त सूचना के बावजूद,  क्रू संदेश मिलने के शीघ्र बाद हेलिकॉप्टर के जरिये वहां पहुंच गया। बेहद दुर्गम क्षेत्र में होने के कारण इस मिशन के लिए दो हेलिकॉप्टर को बुलाया गया। इसका अर्थ यह है कि अगर एक हेलिकॉप्टर नीचे आया तो दूसरा सहायता के लिए वहां उपस्थित हो। चूंकि निम्न संचार व्यवस्था के कारण उस स्थान के लिए समन्वय उपलब्ध नहीं था, एयरक्रू को बर्फीले पहाड़ों एवं जंस्कार घाटी की दरारों में हताहत की खोज करने के बेहद दुष्कर कार्य से जूझना पड़ा। जैसे ही हताहत को खोज लिया गया-कैप्टन विंग सीडीआर खान ने महसूस किया कि एक बिना तैयार सतह पर तंग घाटी के भूभाग में लैंडिंग एक मुश्किल और खतरनाक कार्य हो सकता है।
इस कठिन परिस्थिति में बिना डिगे एवं यूनिट के इस ध्येय के अनुरूप कि ‘ हम कठिन कार्य तो रूटीन के तहत करते हैं और असंभव कार्य में बस थोड़ा अधिक समय लग सकता है‘ क्रू ने बेहद कम स्थान में वायुयान को उतरने के असाधारण  कौशल का प्रदर्शन किया और हेलिकॉप्टर को खड़े पहाड़ों के बीच में नदी के बगल में चट्टानी रास्ते पर उतार दिया। दूसरे हेलिकॉप्टर ने पहले हेलिकॉप्टर को वायु समर्थन दिया और इस कठिन कार्य कां अंजाम दे दिया गया। हताहत की सफलतापूर्वक निकासी कर दी गई और उसे लेह ले आया गया-इस प्रकार भारतीय वायु सेना के हेलिकॉप्टर द्वारा एक और बहुमूल्य जीवन बचा लिया गया।
(PIB)
वीके/एएम/एसकेजे/एमबी-6402
(रिलीज़ आईडी: 1517312)

Friday, January 19, 2018

टोल प्लाजा अब बोझ नहीं लगेगा आपको

On 19 Jan 2018 at 7:11PM by PIB Delhi
NHAI पर सभी टोल प्लाजा में जल्द ही बनेंगें हाइवे नेस्ट
नयी दिल्ली: 19 जनवरी 2018: (पीआईबी//पंजाब स्क्रीन)::

टोल प्लाजा का नाम दिमाग में आते ही एक फ़िज़ूल सा खर्चा किसी बोझ की तरह आ गिरता है। अब शायद जल्द ही निकट भविष्य में आपकी सोच बदल जाये और आप टोल प्लाजा आने का इंतज़ार करने लगें। थकान भरे लम्बे सफर के बाद राहत और आराम के कुछ पल देगा टोल प्लाजा। 
राजमार्गों का इस्तेमाल करने वाले लोगों की सुविधा के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा संचालित टोल प्लाजा में जल्द ही ऐसे खोखे होंगे जिनमें पीने का पानी, चाय/कॉफी और पैकेट बंद खाना बेचा जाएगा। हाइवे नेस्ट (मिनी) नाम वाले इन खोखों का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग द्धारा संचालित सभी 372 टोल प्लाजाओं के दोनों तरफ किया जा रहा है। इन खोखों को 10 मीटर x 20 मीटर पक्के चबूतरे पर टोल प्लाजा से करीब 200-250 मीटर की दूरी पर बनाया जा रहा है। इनमें महिलाओं/पुरूषों और शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शौचालय की सुविधा भी होगी।
उदयपुर-चित्तौड़गढ-कोटा मार्ग पर एनएच-76 पर नारायणपुरा टोल प्लाजा और एनएच-65 के हैदराबाद-विजयवाड़ा सेक्शन पर कोरलापहाड़ टोल प्लाजा पर दो हाइवे नेस्ट (मिनी) का उद्घाटन किया जा चुका है। मार्च, 2018 के अंत तक शेष सभी टोल प्लाजाओं पर हाइवे नेस्ट (मिनी) बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।